नई दिल्लीः कोरोना के नए वैरिएंट एक्सई ने फिर से खतरे की घंटी बजा दी है। दुनियाभर में बढ़ रहे संक्रमण को रोकने के लिए कोरोना वैक्सीन लगाने का काम भी तेजी पर है। फिलहला भारत सहित ज्यादातर देशों में 12 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए ही वैक्सीन उपलब्ध हैं लेकिन वियतनाम में 5 से 11 साल के बच्चों के लिए भी वैक्सीन की शुरुआत कर दी गई है।
वियतनाम में गुरुवार से 5 से 11 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए टीकाकरण की शुरुआत हुई है। कोरोना की रोकथाम के लिए बच्चों को मोडर्ना वैक्सीन लगाई जा रही है। स्थानीय मीडिया के अनुसार वियतनाम में इस आयु वर्ग के करीब 1.18 करोड़ बच्चे हैं और जून महीने तक टीकाकरण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
भारत में कॉर्बेवैक्स वैक्सीन की सिफारिश
भारत की बात करें तो यहां ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की सबजेक्ट एक्सपर्ट कमिटी ने 5 से 11 साल के बच्चों के लिए कॉर्बेवैक्स वैक्सीन के प्रतिबंधित इमरजेंसी इस्तेमाल की सिफारिश की है।
ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने पिछले साल 28 दिसंबर को वयस्कों में आपातकालीन स्थितियों में प्रतिबंधित उपयोग के लिए कोवोवैक्स को मंजूरी दी थी। इसके बाद इस साल 9 मार्च को कुछ शर्तों के अधीन 12 से 17 साल के आयु वर्ग के किशोकों के लिये उपयोग की मंजूरी दी गई। बायोलॉजिकल ई के कॉर्बेवैक्स का उपयोग 12 से 14 साल आयु के बच्चों को कोविड-19 के खिलाफ टीका लगाने के लिए किया जा रहा है।
यदि सबकुछ सामान्य रहा तो 5 से 11 साल के बच्चों के लिए भारत में भी कॉर्बेवैक्स वैक्सीन की प्रक्रिया जल्द शुरू की जा सकेगी।











