दुर्ग: नौकरी लगवाने के नाम पर एक जनप्रतिनिधि को ठगने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसमें एक आरोपी अभी भी फरार है।
जामुल टीआई गौरव पांडेय ने बताया कि 7 महीने पहले राजनांदगांव निवासी संतराम वर्मा ने नगर पालिका परिषद जामुल की पार्षद रामदुलार साहू उर्फ गुल्ली से 15 लाख रुपए की ठगी की थी। उसने अपनी पहुंच का हवाला देते हुए नर्स भर्ती में किसी की भी नौकरी लगवाने का दावा किया था।
संतराम वर्मा के झांसे में आकर पार्षद ने उसे 15 लाख रुपए दे दिया था। जब संतराम नौकरी नहीं लगवा पाया तो मामले की शिकायत पार्षद ने जामुल थाने में की थी। पार्षद की शिकायत पर जामुल पुलिस ने संतराम वर्मा और दुष्यंत वर्मा के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की थी।
इसके बाद पुलिस इनकी गिरफ्तारी को लेकर प्रयासरत थी। रविवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस राजनांदगांव पहुंची। वहां संतराम वर्मा को साइबर सेल की मदद से उसके घर के अंदर से गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि दूसरा आरोपी दुष्यंत वर्मा अभी भी फरार है। पुलिस को उसका लोकेशन दिल्ली में मिला है। जल्द ही उसकी गिरफ्तारी के लिए एक टीम भेजी जाएगी।
पुलिस ने बताया कि आरोपी संतराम ने पार्षद को स्वास्थ्य विभाग में बड़े अधिकारियों से पहचान का हवाला दिया। उसने कहा कि उसकी स्वास्थ्य मंत्री से अच्छी पहचान है। इस पर पार्षद ने उससे अपने बेटे और भांजी के लिए नौकरी लगाने की बात की थी। संतराम ने दोनों की नौकरी लगवाने के नाम पर 15 लाख रुपए ले लिया था।










