बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने चंदूलाल चंद्राकर कॉलेज में भर्ती पर लगी रोक को हटा दिया है। जिसके बाद 176 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। अब खाली पड़े पदों पर भर्ती की प्रक्रिया की जा सकती है।
दरअसल इस मामले में हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ताओं कि ओर से कहा गया कि, चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल कॉलेज में बतौर कर्मचारी 3 से 8 साल तक काम किया, लेकिन प्रदेश सरकार के द्वारा इस कॉलेज का अधिग्रहण करने के बाद उन उन्हें अपनी नौकरी गंवानी पड़ी। जिसके विरोध में याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में इस संबंध में याचिका दायर की थी। जिस पर कार्यवाही करते हुए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल कॉलेज में सीधी भर्ती पर रोक लगा दी थी।
इस मामले में पहली सुनवाई 17 फरवरी 2022 को हुई थी, जिसमें हाई कोर्ट ने आगामी आदेश तक चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल कॉलेज के लिए नियुक्ति पर रोक लगाई। इसके बाद 2 मई 2022 को एक बार फिर से इस में सुनवाई हुई जिसमें राज्य सरकार की तरफ से दलील पेश की गई कि अधिग्रहण अधिनियम संविधान के अनुरूप बनाया गया है।
सरकार की ओर से कहा गया कि चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल कॉलेज एक निजी कंपनी के कंट्रोल में था, और उसमें सभी काम करने वाले कर्मचारी निजी कर्मचारी थे। इसलिए उनका संविलियन सरकारी नौकरी में नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए सीधी भर्ती पर लगी रोक को हटाने की मांग की थी।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई के बाद राज्य सरकार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल कॉलेज में सीधी भर्ती पर लगी रोक को हटा दिया। अब मेडिकल कॉलेज में कर्मचारियों के नियुक्ति की जा सकती है। बता दें कि चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल कॉलेज में 176 पदों पर भर्ती की जानी है।











