छत्तीसगढ़ का पहला मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त जिला बना कबीरधाम

रायपुर: मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त छत्तीसगढ़ कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के अन्य जिलों में भी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से मरीजों का सर्वे कर मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए ऑन स्पॉट मरीजों का पंजीयन कर यह ऑपरेशन किया जा रहा है। कबीरधाम राज्य का पहला मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त जिला बन गया है।

राज्य का पहला मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त जिले के बारे में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कबीरधाम ने राज्य नोडल अधिकारी अंधत्व निवारण को पत्र भेजकर मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त जिला होने की जानकारी दी है, जिसमें 23 अगस्त 2022 तक की स्थिति में जिले में मोतियाबिंद से दृष्टिहीन कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं होना बताया गया है।

साथ ही सर्वे कर चिन्हांकित दोनों आंखों के दृष्टिहीन 1,128 मरीजों एवं एक आंख में मोतिाबिंद से दृष्टिहीन 2,124 मरीजों का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किए जाने संबंधी जानकारी भी साझा की गई है। इस संबंध में संचालक महामारी नियंत्रण एवं राज्य कार्यक्रम अधिकारी अंधत्व निवारण, डॉ. सुभाष मिश्रा ने बताया “योजना के तहत मोतियाबिंद से दृष्टिहीन हुए मरीजों का सर्वे राज्य के सभी जिलों में किया जा रहा है।

प्रतिमाह सर्वे रिपोर्ट राज्य को सौंपकर मोतियाबिंद दृष्टिहीन लोगों और उनके ऑपरेशन की अद्धतन जानकारी दी जाती है, ताकि नया दृष्टिहीन मरीज ना मिले और सभी को आंखों की रोशनी मिल सके। इसी क्रम में कबीरधाम जिला राज्य का पहला मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त जिला बन गया है I ” उन्होंने आगे बताया “सभी जिले चिन्हांकित मरीजों का मोतियाबिंद ऑपरेशन अपनी सुविधा के अनुसार कर रहे हैं।

इसी कड़ी में जुलाई 2022 तक दुर्ग में 90, कोरिया में 300, बीजापुर में 298, बलरामपुर में 280 तथा बेमेतरा में 227 चिन्हांकित पंजीकृत मरीजों की सूची भेजी है, जिनका सितंबर तक मोतियाबिंद ऑपरेशन किया जाएगा। वहीं बिलासपुर में 627 तथा अंबिकापुर सरगुजा में 2,387 में मोतियाबिंद दृष्टिहीन अभी तक चिन्हांकित हुए हैं लेकिन वहां सर्वे कार्य अभी जारी है। जल्द ही चयनित मरीजों का मोतियाबिंद ऑपरेशन भी किया जाएगा।

चिन्हांकित मरीजों में एक आंख में मोतियाबिंद और दोनों आंख में मोतियाबिंद के मरीज शामिल हैं। ” दृष्टिहीनता की स्थिति निर्मित ना हो इसलिए सर्वे – मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मिटाने के लिए सभी जिलों में सर्वे चल रहा है। मितानिन, स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं नेत्र नेत्र सहायक अधिकारियों को अधिकृत किया गया है, ताकि सर्वे कर स्पॉट में ही सर्वेक्षित मरीजों का रजिस्ट्रेशन कर मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जा सके।

सभी जिले सर्वेक्षित चिन्हांकित मरीजों का अपनी सुविधानुसार माह तय कर मोतियाबिंद ऑपरेशन कर रहे हैं। हालांकि अभी जिनको दोनों आंखों में मोतियाबिंद है, उनको प्राथमिकता दी जा रही है।

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