अंबिकापुर: सरगुजा संभाग के जंगलों में इन दिनों आग लगने की घटनाएं लगातार हो रही हैं। हर घंटे जंगलों में आग लग रही हैं। सरगुजा संभाग के छह जिलों में 24 घंटे के भीतर 185 आग लगने की घटनाएं सामने आई है। इसमें एक ही दिन में करीब 500 हेक्टेयर से भी अधिक जंगल के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। इससे वन्यजीवों और छोटे पौधे जलकर नष्ट हो गए हैं।
वहीं बलरामपुर में 24 घंटे के अंदर 23 जगह आग लगी। सूरजपुर में 54 और सरगुजा में 12, कोरिया में 38, मनेंद्रगढ़ में 35 और जशपुर में 6 जगह आग लगने की घटना हुई है। इसके अलावा गुरुघासीदास नेशनल पार्क में 58 और तैमोर पिंघला सेंचुरी में 12 जगहों में आग लगने की घटना दर्ज की गई है।
बलरामपुर, सूरजपुर और सरगुजा जिले के सेमरस्त्रोत, कुदरगढ़, लखनपुर, सीतापुर, राजपुर, चांदनी बिहारपुर सहित कई इलाकों में आग लगने की जानकारी आ रही हैं। इससे पक्षियों के घोंसले नष्ट हो रहे हैं तो कई जंगली जानवर भी मर गए हैं।
अफसरों ने आग लगने की घटना को नहीं रोक पाने पर कहा कि इस साल गर्मी का मौसम शुरू होते ही वन कर्मचारी कुछ दिनों से हड़ताल में चले गए हैं। जिसके कारण ऐसी घटनाओं को रोकने में परेशानी हो रही हैं। ऐसे हाल में वन कर्मचारियों और फायर वाचर की बजाए ग्रामीणों के भरोसे रहना पड़ रहा हैं। लेकिन जब तक ग्रामीणों से वन विभाग को जानकारी मिलती है तब तक आग फैल चुकी होती है और इसके बाद आग पर काबू पाना संभव नहीं हो पता है। हड़ताल की वजह से अभी नुकसान का ठीक-ठाक आकलन कर पाना भी मुश्किल हो रहा हैं।
सरगुजा के डीएफओ पंकज कमल व सूरजपुर डीएफओ डीएस भगत ने कहा, सेटेलाइट से आग की जानकारी समय पर नहीं मिल रही हैं। आग लगने के छह से सात घंटे बाद जानकारी पहुंचती है और तब तक आग विशाल रूप धारण कर चुकी होती है।










