रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है, दरअसल नवगठित सारंगढ़ जिला मुख्यालय स्थित रियासतकालीन राजमहल गिरिविलास पैलेस में शनिवार की रात किसी अज्ञात व्यक्ति ने भगवा ध्वज फहरा दिया। अब तक राजमहल में उनका परंपरागत झंडा लहराता रहा है। परंपरगत झंडे को हटाकर यहां भगवा ध्वज लहरा देने से एक नया विवाद शुरू हो गया है। सुबह महल में लहराते भगवा ध्वज पर राजपरिवार के सदस्यों की नजर पड़ने पर हंगामा शुरू हो गया। पहले आसपास के लोगों से पूछताछ की गई लेकिन ठीक ठाक जानकारी नहीं मिलने पर इसकी शिकायत थाने में लिखवाई गई। बहरहाल पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है।
यह बात सर्वविदित है कि सारंगढ़ राजमहल शुरुआती दौर से ही कट्टर कांग्रेसी परिवार का ठिकाना रहा है। यहां के राजा नरेश सिंह संयुक्त मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। इसके अलावा उनकी बेटी पुष्पा देवी सिंह रायगढ़ लोकसभा से कांग्रेस की टिकट पर सांसद रह चुकी हैं। राजमहल में हुई इस घटना से लोग भौंचक हैं कि आखिर महल के सुरक्षा में सेंध लगते हुए कोई कैसे अंदर तक जाकर भगवा ध्वज फरहा सकता है। इससे बड़ा सवाल कि ऐसा क्यों किया गया है। अब इसके पीछे की राजनीतिक विद्वेष की भावना को भी हवा दिया जाने लगा है।
छत्तीसगढ़ में सबसे पुराने कांग्रेसी परिवार
जानकारों के अनुसार सारंगढ़ का राजपरिवार छत्तीसगढ़ में सबसे पुरानी कांग्रेसी परिवार है। इसके संबंध मोतीलाल नेहरू के समय से कांग्रेस से है। जवाहिर सिंह ने मोतीलाल नेहरू के बेटी शादी में शिरकत की थी। इस परिवार की कमला देवी सिंह मंत्री रह चुकी हैं।महल में आदिवासी परंपरा के अनुसार उनका झंडा पांचवे माले पर लगा हुआ था। जिसे शनिवार की रात उतारकर उसके स्थान पर भगवा ध्वज किसी ने लगा दिया है।

