जशपुर। डेढ़ साल पहले हुई हत्या के एक मामले में जशपुर पुलिस ने अब जाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दरअसल की हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस उनका लगातार पता लगा रही थी लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। एक छोटी से गलती के कारण पूरे डेढ़ साल बाद वे पुलिस की गिरफ्त में आए।
बता दें यह मामना बगीचा थाना क्षेत्र का है। यहां के कदमटोली घुघरी गांव में 22 सितंबर 2020 को अशोक मिंज (32) की लाश मिली थी। पुलिस ने जब जांच की तो युवक के शव पर काफी चोट के निशान थे। युवक की पीट पीट कर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में पता चला कि मृतक अशोक को 21 सिंतबर की शाम अजय यादव (35) व राबर्ट कुजूर (37) नाम के युवकों के साथ देखा गया था।
पुलिस ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि अशोक का दोनों से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद कारण दोनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों फरार हो गए। इसके बाद से ही जशपुर पुलिस को आरोपियों की तलाश थी। इसके लिए पुलिस ने गांव के साथ ही आरोपियो के परिचितों के पास भी मुखबिर लगा रखे थे।
घरवालों से मिलने के चक्कर में पहुंच गए जेल
फरारी के बाद 2 जुलाई शनिवार को अजय व राबर्ट अपने घरवालों से मिलने जशपुर अपने गांव में आए थे। इस दौरान मुखबिर ने पुलिस को सूचना दे दी। फिर क्या था पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरफ्तारी के डर से दोनों पहले मुंबई चले गए थे और वहां से अंडमान में रहकर काम कर रहे थे।
सरकारी जमीन पर खंबा लगाने को लेकर हुआ था विवाद
जशपुर एसपी राजेश अग्रवाल ने बताया कि पुलिस पूछताछ मे आरोपियों ने हत्या की वजह भी बताई। अजय यादव ने सरकारी जमीन पर कब्जे के लिए खंभा गाड़ रखा था जिसे अशोक ने उखाड़ दिया। इसे लेकर अजय आक्रोशित था। 21 सितंबर की शाम को अशोक छाताबार पुल के पास बैठा मिला। यहां पर तीनों ने साथ में शराब पी। यहां जमीन से खंबा हटाने को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद दोनों ने डंडे से अशोक की इतनी पिटाई की कि उसकी मौत हो गई।
2022-07-03










