छत्तीसगढ़ में अगले 4 दिन झमाझम बारिश के आसार, कई जिलों में भारी वर्षा और आकाशीय बिजली का अलर्ट

रायपुर।  छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक के बावजूद राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में अब तक अच्छी बारिश नहीं होने से लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अब मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है। विभाग के अनुसार 29 जून से अगले चार दिनों तक पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है, जबकि दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले तीन दिनों में प्रदेश के शेष हिस्सों तक भी पहुंच सकता है

मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के कई इलाकों में रविवार को हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 7 सेंटीमीटर वर्षा कोहकामेटा में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा कोंटा में 6 सेंटीमीटर, खड़गांव में 5 सेंटीमीटर, जबकि करपावंड, फरसगांव, मानपुर, नारायणपुर, मर्दापाल, रामचंद्रपुर और गंडई में 4-4 सेंटीमीटर बारिश हुई। वहीं बकावंड, मुंगेली, दुर्ग, कटेकल्याण और औंधी में 3-3 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

तापमान की बात करें तो प्रदेश में रविवार को राजनांदगांव सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

इन जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

मौसम विभाग ने सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर और नारायणपुर जिलों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक रूप से खुले क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील की गई है।

रायपुर का मौसम कैसा रहेगा?

राजधानी रायपुर में सोमवार को दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली चमकने का पूर्वानुमान जारी किया है। शहर में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। बारिश होने पर लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिल सकती है।

इन मौसम प्रणालियों का दिखेगा असर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में बारिश बढ़ने के पीछे कई सक्रिय मौसम प्रणालियां जिम्मेदार हैं। पंजाब से बिहार तक मौसमी द्रोणिका सक्रिय है। इसके अलावा उत्तर-पूर्व मध्यप्रदेश से विदर्भ और तेलंगाना तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। मध्यप्रदेश के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है, जबकि तटीय आंध्रप्रदेश से छत्तीसगढ़ और मराठवाड़ा होते हुए मध्य महाराष्ट्र तक एक अन्य द्रोणिका बनी हुई है। इन सभी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।

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