रायपुर। छत्तीसगढ़ के लाखों सरकारी कर्मचारी इस बार तबादला नीति का इंतजार करते-करते परेशान हो चुके हैं। हर साल मई-जून में जारी होने वाली ट्रांसफर पॉलिसी इस बार जून खत्म होने तक भी सामने नहीं आई है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ने लगी है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि समय पर नीति आने से परिवार, बच्चों की पढ़ाई और नई पोस्टिंग से जुड़े फैसले लेना आसान हो जाता है। लेकिन इस बार की देरी ने कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं
कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने सरकार से जल्द नीति जारी करने की मांग की है। फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि दिव्यांग, आर्थिक रूप से कमजोर और वर्षों से एक ही जगह पदस्थ कर्मचारी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। संगठन जल्द ही मुख्य सचिव से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगा।
कर्मचारियों का कहना है कि मई-जून का समय ट्रांसफर के लिए सबसे उपयुक्त होता है, क्योंकि इसी दौरान बच्चों की छुट्टियां रहती हैं और नए स्कूलों में एडमिशन की प्रक्रिया आसानी से पूरी हो जाती है।
पिछले साल 4 जून को कैबिनेट ने तबादला नीति को मंजूरी दे दी थी और 14 से 25 जून के बीच बड़े पैमाने पर तबादले हुए थे। लेकिन इस बार सरकार की चुप्पी ने कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार आखिर कब ट्रांसफर पॉलिसी जारी करेगी।











